छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अंवरी सर्वोदय स्कूल भखारा में अचानक स्कूल बंद कर दिया गया। यह स्कूल वर्ष 2017 से हिंदी और अंग्रेजी मीडियम दोनों में संचालित हो रहा था। अब स्कूल संचालक ने अचानक बिना किसी सूचना के स्कूल बंद कर दिया। इसके बाद आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ रहे बच्चों को अचानक ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) थमा दी गई। पालकों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी और लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पालकों के अनुसार, स्कूल बंद होने के कारण बच्चों के सामने नए स्कूल में दाखिले का संकट खड़ा हो गया है। कई बच्चे आरटीई के तहत मुफ्त शिक्षा ले रहे थे, जिनका अब अन्य स्कूलों में दाखिला कराना मुश्किल हो गया है। पालकों का आरोप है कि न तो स्कूल प्रबंधन ने पहले से सूचित किया और न ही बच्चों के भविष्य की कोई व्यवस्था की। अब पालक अपने बच्चों का दाखिला दूसरे स्कूलों में कराने के लिए भटक रहे हैं। प्रशासन से अब तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है। इस घटना से क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की शिक्षा अधर में लटक गई है। पालकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत कोई कदम नहीं उठाया तो वे आंदोलन करेंगे। यह मामला निजी स्कूलों की मनमानी और आरटीई कानून के उल्लंघन का एक गंभीर उदाहरण है। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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