एक प्रमुख भारतीय अर्थशास्त्री ने UPI पर MDR चार्ज को लेकर अहम बात कही है। उनका कहना है कि MDR चार्ज का ग्राहकों पर कोई असर नहीं होगा, यह तर्क सही नहीं है। अर्थशास्त्री के मुताबिक ग्राहक अप्रत्यक्ष रूप से इससे प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने UPI लेनदेन पर शुल्क के संभावित असर को समझने की जरूरत बताई। MDR चार्ज बढ़ने से कारोबारियों की लागत प्रभावित हो सकती है। इसका असर आगे चलकर ग्राहकों तक पहुंचने की संभावना रहती है। कारोबारी लागत बढ़ने पर कीमतों या अन्य शुल्क में बदलाव हो सकता है। ऐसे में ग्राहकों पर सीधा नहीं बल्कि अप्रत्यक्ष वित्तीय असर पड़ सकता है। अर्थशास्त्री ने इस मुद्दे को केवल प्रत्यक्ष शुल्क के नजरिए से देखने को गलत बताया। UPI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच MDR चार्ज का मुद्दा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस व्यवस्था में ग्राहकों और कारोबारियों दोनों पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखना जरूरी है। MDR को लेकर बहस में इसके व्यापक आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा हो रही है।
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