सुप्रीम कोर्ट ने NEET-PG 2026 की आंसर-की सार्वजनिक करने की व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। यह मामला नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की उत्तर-कुंजी साझा करने की प्रक्रिया से जुड़ा है। डेमोक्रेटिक मेडिकल एसोसिएशन ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अदालत का रुख किया है। संगठन ने मांग की है कि अभ्यर्थियों को उनके वास्तविक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा, उम्मीदवारों द्वारा चुने गए उत्तरों और मूल्यांकन से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच देने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था अभ्यर्थियों को अपने अंकों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने से रोकती है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए। याचिका में शिकायतों के निपटारे के लिए समयबद्ध प्रक्रिया लागू करने की मांग की गई है। साथ ही, मूल्यांकन में त्रुटियां साबित होने पर उन्हें सुधारने की अपील की गई है। इस मांग का उद्देश्य अभ्यर्थियों को अपने परिणामों की जांच कराने का उचित अवसर देना है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगते हुए मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता खोला है। यह विवाद मेडिकल स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा की मूल्यांकन प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता से संबंधित है। अभ्यर्थियों के प्रश्नपत्रों, उत्तरों और मूल्यांकन रिकॉर्ड तक पहुंच इस मामले का प्रमुख मुद्दा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अदालत के अंतिम फैसले या आगे की सुनवाई की तारीख का उल्लेख नहीं है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित पक्षों के जवाब और न्यायालय के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
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