अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने एक अपील अदालत से आग्रह किया है कि वह H-1B वीज़ा पर लगाए गए 100,000 डॉलर शुल्क को फिर से लागू करे। विभाग का कहना है कि एक संघीय न्यायाधीश द्वारा इस शुल्क पर लगाया गया रोक आदेश इमिग्रेशन प्रवर्तन को नुकसान पहुंचा रहा है। यह शुल्क इस उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया था कि विदेशी कर्मचारियों द्वारा अमेरिकी नौकरियों के प्रतिस्थापन को रोका जा सके। हालांकि, अदालत ने इसे शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन बताते हुए खारिज कर दिया था। DHS का तर्क है कि राष्ट्रपति के पास ऐसी नीतिगत कार्रवाई करने का अधिकार है। विभाग ने चेतावनी दी है कि देरी के कारण अधिक विदेशी कामगारों का प्रवेश जारी रहेगा। इससे देश को अपूरणीय नुकसान होने की आशंका जताई गई है। इस मामले को लेकर इमिग्रेशन नीति पर बहस तेज हो गई है। अदालत के अंतिम निर्णय पर नीति का भविष्य निर्भर करेगा। यह विवाद अमेरिकी श्रम बाजार और वीज़ा नियमों से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।
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