प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G7 शिखर सम्मेलन के दौरान पश्चिम एशियाई संकट के ग्लोबल साउथ पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को रेखांकित किया। पीएम मोदी ने वैश्विक एकजुटता का आह्वान करते हुए स्पष्ट कहा कि युद्ध का खामियाजा केवल विकासशील देशों को अकेले नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों से निपटने और साझा विकास को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख प्रस्ताव रखे: एक ‘ग्लोबल स्किल्स पार्टनरशिप’ और दूसरा ‘इंटरनेशनल मोबिलाइजेशन पार्टनरशिप फॉर एक्सेलरेटिंग कनेक्टिविटी एंड ट्रेड’ (IMPACT)। इन पहलों का उद्देश्य कनेक्टिविटी को बढ़ाना, व्यापार में तेजी लाना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में लचीलापन (resilience) पैदा करना है। पीएम मोदी की यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती देने और वैश्विक संकटों के समाधान में विकासशील देशों की भागीदारी को अनिवार्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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