प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान आरोपी धर्मेश संघानी द्वारा फेंका गया मोबाइल फोन अब जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। संघानी एक प्रमुख व्यवसायी है, जिस पर ब्रिटेन और अमेरिका में भी सोने की तस्करी के आरोप हैं। ED के अधिकारी जैसे ही उसके फ्लैट पर पहुंचे, उसने सबूत मिटाने के इरादे से अपना फोन नीचे फेंक दिया था। अधिकारियों ने उस फोन को बरामद कर लिया है और अब उसमें मौजूद डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस तस्करी के पीछे एक बड़ा और प्रभावशाली नेटवर्क काम कर रहा है। यह पूरा मामला मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के गंभीर उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। आरोपी की कंपनी पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन करने के आरोप हैं। इस फोन से मिलने वाली जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की तस्करी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर सकती है। जांच में कई रसूखदार लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ED की टीम इस मामले की कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी है। आने वाले दिनों में मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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