अभिनेत्री प्रीति जिंटा को बॉम्बे हाईकोर्ट से महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार सामग्री के जरिए अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग का मामला उठाया है। कोर्ट ने उन्हें निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) संबंधी मुकदमा दायर करने की अनुमति दे दी है। प्रीति जिंटा का कहना है कि उनकी छवि और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है। मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर AI-जनित सामग्री से जुड़ा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मामले की आगे सुनवाई होगी। यह विवाद डिजिटल युग में सेलिब्रिटी अधिकारों और निजता की सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ ऐसे मामलों में वृद्धि हो सकती है। यह मामला व्यक्तित्व अधिकारों की कानूनी सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित करता है। उद्योग और कानूनी जगत की नजर अब इस मामले की आगे की कार्यवाही पर टिकी हुई है।
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