इन्फोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कंपनी के शेयरधारकों को भरोसा दिलाया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आईटी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उनकी क्षमताओं को और बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि AI आने वाले वर्षों में उद्योग के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा। नीलेकणी के अनुसार, 2030 तक AI से जुड़ा वैश्विक बाजार 300 से 400 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। उन्होंने बताया कि इन्फोसिस इस अवसर का लाभ उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका मानना है कि एंटरप्राइज स्तर पर AI को मौजूदा व्यावसायिक प्रणालियों के साथ प्रभावी ढंग से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण होगा। कंपनी लगातार AI आधारित समाधान और सेवाओं पर निवेश बढ़ा रही है। इन्फोसिस के सीईओ सलील पारेख ने भी AI से जुड़े सौदों की मजबूत पाइपलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के बीच AI समाधान अपनाने की मांग तेजी से बढ़ रही है। हाल के समय में AI के प्रभाव को लेकर आईटी क्षेत्र में कई तरह की आशंकाएं सामने आई हैं। इसी बीच निफ्टी 50 में भारतीय आईटी कंपनियों की हिस्सेदारी रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। बाजार में यह चिंता बनी हुई है कि AI पारंपरिक आईटी सेवाओं को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इन्फोसिस प्रबंधन का मानना है कि AI उद्योग के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगा। कंपनी का फोकस ग्राहकों को उन्नत और व्यावहारिक AI समाधान उपलब्ध कराने पर है। प्रबंधन ने विश्वास जताया कि तकनीकी बदलावों के बीच इन्फोसिस भविष्य की चुनौतियों और अवसरों दोनों के लिए तैयार है।
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