पिछले कुछ वर्षों में जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को व्यापक समर्थन मिल रहा था, अब उसके खिलाफ विरोध भी बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और कनाडा में कई जगहों पर लोगों ने AI और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं। कुछ क्षेत्रों में इन प्रोजेक्ट्स को लेकर स्थानीय विरोध के कारण योजनाएं रद्द या स्थगित भी की गई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बड़े डेटा सेंटर पर्यावरण, बिजली खपत और स्थानीय संसाधनों पर दबाव डालते हैं। इसके अलावा, नौकरी छिनने और गोपनीयता को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं। कई समुदायों में AI के बढ़ते प्रभाव को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी विकास और सामाजिक प्रभाव के बीच संतुलन की जरूरत है। सरकारें और कंपनियां अब इन चिंताओं को लेकर अधिक सावधानी बरत रही हैं। यह बहस तकनीक और समाज के रिश्ते को लेकर वैश्विक स्तर पर तेज हो गई है। आने वाले समय में AI नीतियों पर और सख्त नियम देखने को मिल सकते हैं।
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