पालंटिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्स कार्प ने एआई उद्योग में तेजी से लोकप्रिय हो रहे ‘टोकनमैक्सिंग’ ट्रेंड की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि एआई टोकनों का जरूरत से ज्यादा उपयोग कई कंपनियों के लिए एक बुरी आदत बनता जा रहा है। एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान कार्प ने इसकी तुलना ऐसी लत से की जो दिखने में उपयोगी लगती है लेकिन वास्तविक लाभ नहीं देती। उनका कहना है कि कई संगठन बड़ी मात्रा में एआई टोकन खर्च कर रहे हैं, जबकि उससे कोई ठोस व्यावसायिक परिणाम नहीं निकल रहा। कार्प ने चेतावनी दी कि केवल एआई पर निर्भर होकर उत्पादकता बढ़ाने की उम्मीद करना गलत सोच है। उन्होंने कहा कि बड़े भाषा मॉडल (LLM) विशेषज्ञता का विकल्प नहीं हैं, बल्कि उसे बेहतर बनाने का साधन हैं। उनके अनुसार किसी भी क्षेत्र का गहरा ज्ञान और अनुभव अभी भी सफलता की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। उन्होंने कंपनियों को एआई का विवेकपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी। हाल के महीनों में एआई संचालन की बढ़ती लागत को लेकर भी उद्योग में बहस तेज हुई है। इसी वजह से सिलिकॉन वैली में ‘टोकनमैक्सिंग’ के खिलाफ आवाजें उठने लगी हैं। कार्प का मानना है कि एआई का मूल्य उसके वास्तविक प्रभाव में है, न कि केवल उपयोग की मात्रा में। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक को परिणाम देने के लिए मानव विशेषज्ञता के साथ मिलकर काम करना चाहिए।
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