चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में अमेरिका को चुनौती देने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार चीन एआई टोकन के व्यापार के लिए फ्यूचर्स मार्केट विकसित कर रहा है। ये टोकन एआई मॉडल्स को चलाने और सेवाओं की कीमत तय करने की मूल इकाइयां माने जाते हैं। शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज इस दिशा में शुरुआती चरण में काम कर रहा है। चीन का उद्देश्य एआई इकोनॉमी में अपनी पकड़ मजबूत करना बताया जा रहा है। दूसरी ओर अमेरिका के CME और ICE जैसे एक्सचेंज भी GPU कंप्यूट फ्यूचर्स की तैयारी में जुटे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम अमेरिका और चीन के बीच AI तकनीकी प्रतिस्पर्धा का नया मोर्चा बन सकता है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन में प्रतिदिन लगभग 140 ट्रिलियन एआई टोकन का उपयोग हो रहा है। इससे एआई सेवाओं और कंप्यूटिंग संसाधनों के व्यापार का नया बाजार तैयार हो सकता है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में AI टोकन डिजिटल अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण संपत्ति बन सकते हैं। दोनों देशों के बीच यह प्रतिस्पर्धा वैश्विक टेक उद्योग को भी प्रभावित कर सकती है। AI क्षेत्र में बढ़ती यह होड़ आने वाले वर्षों में नई आर्थिक और तकनीकी चुनौतियां पैदा कर सकती है।
Source: Source