ईरान द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके अपनी साइबर और सैन्य क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार ईरान ChatGPT और Gemini जैसे AI टूल्स की मदद से अपनी तकनीकी रणनीतियों को विकसित कर रहा है। इस कदम को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि AI तकनीक का उपयोग साइबर सुरक्षा और रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में किया जा रहा है। इससे ईरान की डिजिटल क्षमता में तेजी से वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। इस विकास को लेकर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों में चिंता बढ़ गई है। खासकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI तकनीक का सैन्य उपयोग वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। हालांकि इस पूरे मामले पर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। रिपोर्ट्स में इसे एक उभरती हुई तकनीकी प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में AI का उपयोग भू-राजनीति में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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