बांग्लादेश में खसरे की महामारी ने भयावह रूप ले लिया है। पिछले दो महीनों में ही देश में खसरे के 60 हज़ार से अधिक संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं। यह प्रकोप मुख्य रूप से बच्चों को अपना शिकार बना रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, बीमारी के फैलने से सैकड़ों बच्चों की मौत हो चुकी है। स्थिति इतनी गंभीर है कि अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण की कमी इस विकराल समस्या का मुख्य कारण है। कोविड-19 महामारी के दौरान टीकाकरण अभियान ठप रहे, जिसके गंभीर परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी बदतर है, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। सरकार ने आपातकालीन टीकाकरण अभियान चलाने का निर्देश दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्थिति पर चिंता जताई है और तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है। डॉक्टरों के अनुसार, खसरा अत्यधिक संक्रामक है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकता है। प्रभावित परिवारों का रो-रो कर बुरा हाल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं। माना जा रहा है कि आने वाले हफ्तों में मामले और बढ़ सकते हैं, अगर त्वरित कदम नहीं उठाए गए। यह संकट बांग्लादेश के स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी विफलता को भी उजागर करता है।
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