छत्तीसगढ़ के अंबागढ़ चौकी नगर में नवरात्रि और दशहरा उत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अधिकारियों को मंगलवार शाम से बुधवार की रात तक 36 घंटे से अधिक समय तक लगातार ड्यूटी करनी होगी। इस संबंध में रविवार को पुलिस थाने में शांति सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार नेहा विश्वकर्मा ने की। इसमें थाना प्रभारी अश्वनी राठौर, जनप्रतिनिधि और विभिन्न दुर्गोत्सव समितियों के पदाधिकारी शामिल हुए। प्रशासन ने सभी समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विसर्जन जुलूस में नशे की हालत में मिलने या हुड़दंग और मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हथियार लेकर चलने वालों पर भी सख्त नजर रखी जाएगी। पुलिस बल प्रत्येक समिति के साथ तैनात रहेगा और जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं तथा भीड़ की निगरानी करेगा। अधिकारियों ने सभी समितियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी। दशहरा उत्सव के बाद मंगलवार रात राजबाड़ा, हल्बापारा और सुभाष चौक के दुर्गोत्सव पंडालों से प्रतिमाओं की शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा नगर भ्रमण करते हुए सुबह तक शिवनाथ नदी के तट पर पहुंचेगी। बुधवार शाम छह बजे से शहीद भगत सिंह वार्ड, बस स्टैंड, कुम्हार पारा, पटेल पारा और शंकर पारा की प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकलेगा। प्रशासन का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
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