भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को जमा राशि की मैच्योरिटी की सूचना नहीं देने के मामले में बड़ा झटका लगा है। एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक ने बैंक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक ने उन्हें जमा राशि की परिपक्वता अवधि पूरी होने की जानकारी नहीं दी। बैंक ने उन्हें जमा राशि बढ़ाने के विकल्पों के बारे में भी उचित जानकारी नहीं दी। मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता आयोग ने बैंक की कार्यप्रणाली पर विचार किया। आयोग ने पाया कि बैंक ग्राहक को आवश्यक जानकारी देने में विफल रहा। जमा अवधि पूरी होने के बाद भी राशि बैंक के पास बनी रही। आयोग ने इस राशि को अपने पास बनाए रखने को अनुचित माना। इसके बाद आयोग ने SBI को सेवानिवृत्त वैज्ञानिक की जमा राशि लौटाने का आदेश दिया। बैंक को मूल जमा राशि के साथ ब्याज भी चुकाना होगा। आदेश के तहत भुगतान की कुल राशि लगभग 15 लाख रुपये बताई गई है। यह फैसला बैंकिंग सेवाओं में ग्राहकों को समय पर जानकारी देने के महत्व को रेखांकित करता है।
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