जालंधर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिले की विभिन्न बाल देखभाल संस्थाओं के साथ ऑनलाइन संवाद किया। बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष प्रिया सूद ने की। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत बच्चों समेत कमजोर वर्गों को निशुल्क और सक्षम कानूनी सहायता मिलती है। बैठक का उद्देश्य संस्थागत देखभाल और कानूनी सहायता व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। संवाद के दौरान बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इनमें शिक्षा, स्वच्छ आश्रय, स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण जैसे अधिकार शामिल हैं। बच्चों को शोषण से संरक्षण के अधिकार की भी जानकारी दी गई। प्रिया सूद ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाएगी। यह लोक अदालत जालंधर न्यायिक परिसर के अलावा नकोदर और फिल्लौर उप-मंडलों में भी लगेगी। जालंधर मुख्यालय में 21 पीठें तथा नकोदर और फिल्लौर में दो-दो पीठें गठित की गई हैं। सीजेएम-सह-सचिव राहुल कुमार आजाद ने लोक अदालत में मामलों के निपटारे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबित और पूर्व-विवादित मामलों को लोक अदालत में सुलझाया जा सकता है। इनमें वैवाहिक-परिवार, एमएसीटी, चेक बाउंस, भूमि-राजस्व, श्रम-सेवा और बैंक वसूली से जुड़े मामले शामिल हैं।
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