Wildlife SOS ने अपने CEO कार्तिक सत्यनारायण को मिली अंतरिम सुरक्षा हटाने के हाईकोर्ट के फैसले को स्वीकार किया है। संगठन ने कहा कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि चल रही जांच में CEO दोषी पाए गए हैं। संगठन ने जांच की प्रक्रिया और अपने कर्मचारियों की हिरासत को लेकर चिंता जताई है। Wildlife SOS के मुताबिक उसने कई बार Forest Offence Report उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। संगठन का कहना है कि उसे अब तक यह रिपोर्ट नहीं मिली है। मामला कथित वन्यजीव शिकार से जुड़ा हुआ है। संगठन ने जांच को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किए जाने की मांग की है। Wildlife SOS ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करता है। संगठन के अनुसार जांच से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट रूप से सामने आना चाहिए। कर्मचारियों की हिरासत को लेकर भी संगठन ने अपनी चिंता व्यक्त की है। संगठन ने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की अपील की है। मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जांच आगे जारी रहेगी।
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