छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने पानी चोरी रोकने के लिए बिजली कटौती के मामले पर आपत्ति जताई है। यह मामला टुल्लू पंप के जरिए पानी चोरी रोकने के लिए की गई कार्रवाई से जुड़ा है। भिलाई, दुर्ग और रिसाली क्षेत्रों में बिजली कटौती की शिकायत सामने आई थी। आयोग ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। आयोग ने कहा कि कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे क्षेत्र के लोगों को नहीं दी जा सकती। सामूहिक रूप से बिजली आपूर्ति रोकने की कार्रवाई पर आयोग ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। आयोग के निर्देश के बाद तीनों निकायों ने भविष्य में ऐसी कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया है। भिलाई, दुर्ग और रिसाली निकायों को बिजली कटौती से जुड़ी कार्रवाई से बचने के निर्देश दिए गए हैं। पानी चोरी रोकने के लिए अन्य वैधानिक उपायों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। आयोग की कार्रवाई से बिजली उपभोक्ताओं को सामूहिक दंड देने के तरीके पर स्पष्ट रुख सामने आया है। अब संबंधित निकायों को पानी चोरी की समस्या से निपटने के लिए बिजली कटौती के बजाय अन्य उपाय अपनाने होंगे। मामले में आयोग के निर्देश का पालन सुनिश्चित करना संबंधित निकायों की जिम्मेदारी होगी।
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