नूंह की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग छात्रा के अपहरण के 2023 के मामले में राम किशोर को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। उस पर कुल 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने पीड़िता के पुनर्वास और सहायता के लिए चार लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नूंह को दी जाएगी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन ने की। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर दोष सिद्ध किया। मामला वर्ष 2023 में सामने आया था, जब 15 वर्षीय छात्रा स्कूल जाने के बाद घर नहीं लौटी थी। परिवार ने काफी तलाश के बाद महिला थाना नूंह में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। बाद में जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में पहुंचा। कोर्ट ने पीड़िता को हुए शारीरिक और मानसिक कष्ट को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता का आदेश दिया। मुआवजे की 75 प्रतिशत राशि तीन साल के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी जाएगी। बाकी 25 प्रतिशत राशि पीड़िता की तत्काल जरूरतों और खर्चों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
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