घरेलू आय बढ़ने के साथ घर और गाड़ियों पर खर्च करने की प्रवृत्ति भी बढ़ती है। दो लोगों की कमाई होने से जीवनशैली के विकल्प बढ़ जाते हैं। परिवार महंगी सुविधाओं और बेहतर जीवनशैली पर अधिक खर्च करने लगता है। हालांकि, बढ़ते खर्चों के कारण आर्थिक स्थिति कमजोर भी हो सकती है। खासकर तब, जब परिवार की एक आय अचानक बंद हो जाए। ऐसी स्थिति में बड़े लोन और नियमित खर्च बोझ बन सकते हैं। डॉ. सनी गर्ग ने वित्तीय स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया है। उनके अनुसार, वास्तविक संपत्ति वह है जो जीवनशैली में लचीलापन प्रदान करे। आर्थिक मजबूती केवल अधिक कमाई पर निर्भर नहीं करती। जरूरी है कि आय में रुकावट आने पर भी परिवार अपने खर्च संभाल सके। स्थायी वित्तीय स्वतंत्रता व्यक्ति को अनिश्चित परिस्थितियों में सुरक्षा देती है। इसलिए दो सैलरी होने के बावजूद बचत और विवेकपूर्ण वित्तीय योजना आवश्यक है।
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