चंडीगढ़ के CREST-IDFC फ्रॉड मामले में CBI ने तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इसमें IFoS अधिकारी और CREST के पूर्व CEO नवनीत श्रीवास्तव का नाम शामिल है। अन्य आरोपियों में विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसकी निदेशक शामिल हैं। CBI के अनुसार मामले में CREST के करीब ₹75.4 करोड़ की कथित हेराफेरी हुई। जांच एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात समेत कई धाराएं लगाई हैं। आरोपियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। CBI का आरोप है कि श्रीवास्तव ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर CREST के फंड के कथित दुरुपयोग की साजिश रची। जांच में विपम कंसल्टेंसी को कथित तौर पर ₹95 लाख मिलने की बात सामने आई है। CBI के अनुसार इस रकम का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने में किया गया। मामले में श्रीवास्तव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह न्यायिक हिरासत में हैं। यह मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित IDFC First Bank से जुड़े बड़े बैंकिंग फ्रॉड से भी संबंधित है। जांच एजेंसी के मुताबिक उस मामले में हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं के करीब ₹504 करोड़ की कथित हेराफेरी हुई। CBI ने कहा है कि फंड के लेन-देन की आगे भी जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
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