पंजाब कांग्रेस में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और नेतृत्व को लेकर संकट गहराता दिख रहा है। पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठ रही है। भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है। इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की मांग की है। इस मांग ने पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को सामने ला दिया है। कांग्रेस के सामने पंजाब में नेतृत्व को लेकर संतुलन साधने की चुनौती है। पार्टी को जाट सिख और दलित नेतृत्व के बीच सामंजस्य बनाना होगा। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को केवल 18 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पंजाब की सात सीटों पर जीत दर्ज की। इन चुनावी नतीजों के बीच संगठन को मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के सामने आंतरिक मतभेद दूर करने का दबाव है। नेतृत्व और संगठन से जुड़े फैसले पंजाब में कांग्रेस की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
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