AI टूल्स कई बार आत्मविश्वास के साथ गलत या भ्रामक जानकारी दे सकते हैं। ऐसी गलत AI जानकारी को आमतौर पर ‘हैलुसिनेशन’ कहा जाता है। किसी भी AI उत्तर को तुरंत सही मानने के बजाय उसकी जांच करना जरूरी है। सबसे पहले यह देखें कि जवाब में दिए गए तथ्य विश्वसनीय स्रोतों से मेल खाते हैं या नहीं। तारीख, आंकड़े, नाम और उद्धरण जैसी जानकारियों की विशेष रूप से पुष्टि करनी चाहिए। यदि AI किसी स्रोत का उल्लेख करता है तो उस स्रोत की वास्तविकता भी जांचें। बहुत निश्चित भाषा में दिया गया उत्तर भी हमेशा सही होने की गारंटी नहीं देता। जटिल या महत्वपूर्ण मामलों में एक से अधिक स्वतंत्र स्रोतों से जानकारी मिलाना बेहतर है। AI से मिले जवाब में अस्पष्ट या असामान्य दावों पर अतिरिक्त सवाल पूछे जा सकते हैं। ताजा जानकारी से जुड़े विषयों में पुराने डेटा के इस्तेमाल की संभावना भी ध्यान में रखनी चाहिए। AI को सहायक के रूप में इस्तेमाल करना बेहतर है, अंतिम सत्य के स्रोत के रूप में नहीं। थोड़ी सी तथ्य-जांच AI की गलतियों से बचने में काफी मदद कर सकती है।
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