हरियाणा के नारनौल में पोक्सो एक्ट से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी युवक को बरी कर दिया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हर्षाली चौधरी की अदालत ने 5 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में आरोपों से मुक्त किया। मामले में 9 जून 2025 को शहर नारनौल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायत में एक नाबालिग लड़की ने युवक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने आरोपी शिवम कुमार को 11 जून 2025 को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज कराए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और मामले के रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया। अदालत ने साक्ष्य पर्याप्त नहीं पाए और 20 वर्षीय शिवम कुमार को बरी कर दिया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने सभी साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया।
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