रायपुर में सीवेज, ड्रेनेज और गंदे पानी की समस्या दूर करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट की संभावना बनी है। 16वें वित्त आयोग ने रायपुर को वेस्टवॉटर मैनेजमेंट के लिए चुने गए 22 शहरों में शामिल किया है। रायपुर में अधिकतम 3500 करोड़ रुपये तक का प्रोजेक्ट तैयार किया जा सकता है। प्रस्तावित परियोजना में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत यानी 2100 करोड़ रुपये तक दे सकती है। बाकी 40 प्रतिशत यानी 1400 करोड़ रुपये राज्य सरकार और नगर निगम को मिलकर देना होगा। हालांकि फिलहाल 3500 करोड़ रुपये की कोई मंजूरी नहीं मिली है। अंतिम राशि DPR और परियोजना की मंजूरी के बाद तय होगी। फंड का इस्तेमाल सीवेज नेटवर्क, ट्रीटमेंट प्लांट और ड्रेनेज व्यवस्था सुधारने में किया जा सकता है। बारिश के पानी की निकासी से जुड़े कार्य भी परियोजना में शामिल किए जा सकते हैं। योजना का उद्देश्य पूरे शहर के वेस्टवॉटर सिस्टम को बेहतर बनाना है। इसके लिए पहले जरूरतों का अध्ययन कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। DPR की जांच और मंजूरी के बाद केंद्र, राज्य सरकार और नगर निगम के बीच समझौता होगा। परियोजना की प्रगति के आधार पर केंद्र की राशि अलग-अलग किस्तों में जारी की जाएगी।
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