संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। चंदा चोरी और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसे मामलों को लेकर सदन में विरोध हुआ। सरकार ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। हंगामे के बीच विधायी कामकाज प्रभावित हुआ। कुछ ही विधेयकों पर विस्तार से चर्चा हो सकी। कई महत्वपूर्ण विधेयक बिना विस्तृत बहस के पारित कर दिए गए। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहा। संसद में सुचारु चर्चा नहीं होने को लेकर चिंता जताई गई। मानसून सत्र में राजनीतिक टकराव का असर संसदीय कार्यों पर साफ दिखाई दिया।
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