छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने राज्य में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने एक साल में हुई 6967 मौतों पर गंभीर चिंता जताई है। हाई कोर्ट ने कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने पर नाराजगी जाहिर की। सुनवाई के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए। रायपुर को सड़क हादसों के लिहाज से सबसे बड़ा डेथ जोन बताया गया है। अदालत ने कलेक्टरों और एनएचएआई से 10 दिनों के भीतर शपथ पत्र पेश करने को कहा है। इसमें सड़क सुरक्षा के लिए किए गए उपायों की जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने आवारा मवेशियों और अन्य कारणों से होने वाली दुर्घटनाओं पर भी ध्यान दिलाया। मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में सुनवाई जारी है। हाई कोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए हैं।
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