मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अवैध जाति वैधता प्रमाणपत्र के मामले में दो महिला पार्षदों को अयोग्य घोषित कर दिया है। ये दोनों पार्षद AIMIM और NCP से जुड़ी हुई थीं। जिला जाति प्रमाणपत्र जांच समितियों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों को अमान्य पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। फैसले के बाद AIMIM के पार्षदों की संख्या घटकर पांच रह गई है। वहीं NCP के पास अब केवल दो पार्षद रह गए हैं। पिछले एक महीने में इसी तरह के मामलों में कुल चार पार्षदों की सदस्यता समाप्त की जा चुकी है। बीएमसी ने नियमों के तहत यह कार्रवाई की है। जाति प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर चल रही जांच के बाद संबंधित निर्णय लिए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से स्थानीय निकाय की राजनीतिक स्थिति पर भी असर पड़ा है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और संभावित चुनौतियों पर नजर बनी हुई है।
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