केंद्र सरकार ने एनसीईआरटी द्वारा अपने पाठ्यपुस्तक पेपर सप्लायर को ब्लैकलिस्ट करने के निर्णय के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। हाल ही में एनसीईआरटी ने एक प्रमुख पेपर आपूर्तिकर्ता फर्म को काली सूची में डाल दिया था, जिस पर अब केंद्र ने सख्ती दिखाई है। इस मामले में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विस्तृत जांच करने को कहा गया है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि क्या इस कार्रवाई में उचित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं। सप्लायर को ब्लैकलिस्ट किए जाने से पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण कार्य में देरी की आशंका जताई जा रही थी। शिक्षा मंत्रालय अब इस बात की समीक्षा करेगा कि इस निर्णय से शैक्षणिक सत्र पर क्या असर पड़ेगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम सरकारी खरीद और आपूर्ति श्रृंखला की शुचिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। जांच समिति अब उन कारणों का पता लगाएगी जिनकी वजह से सप्लायर पर प्रतिबंध लगाया गया। सरकार ने इस मामले में किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। एनसीईआरटी की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच यह जांच काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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