वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर अस्थिरता देखने को मिल रही है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है और भाव 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम समझौते को समाप्त बताया है। इसके बाद अमेरिकी सेना की ओर से ईरानी ठिकानों पर नए हमलों की खबरों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी। निवेशकों को आशंका है कि तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरे का स्तर बढ़ा दिया है। इससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर अतिरिक्त दबाव बनने की संभावना जताई जा रही है। तेल की कीमतों में तेजी से वैश्विक महंगाई बढ़ने की चिंता फिर गहरा गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं। इससे वैश्विक आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। बाजार की नजर अब क्षेत्र में आगे होने वाले सैन्य और कूटनीतिक घटनाक्रम पर टिकी है। निवेशक स्थिति सामान्य होने तक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
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