महाराष्ट्र में अस्पताल के कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद डॉक्टरों ने अपना विरोध प्रदर्शन और हड़ताल समाप्त कर दी। रमेश म्हात्रे ने महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारने के आरोप से इनकार किया। उनका कहना है कि उन्होंने डॉक्टर का मोबाइल छीनने की कोशिश की थी, हमला नहीं किया। इस घटना के विरोध में निजी डॉक्टरों की दो दिवसीय हड़ताल से सैकड़ों मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं। बड़ी संख्या में मरीजों को परामर्श और उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा। स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पतालों में बढ़ती हिंसा के खिलाफ काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध करने का फैसला किया है। इस मुद्दे को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी सदानंद दाते से मुलाकात की। बैठक में अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई। अधिकारियों ने मामले की जांच जारी रहने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार रमेश म्हात्रे का नाम पहले से कई अन्य आपराधिक मामलों में भी दर्ज है। इस घटना ने डॉक्टरों की सुरक्षा और अस्पतालों में कानून-व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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