फरीदाबाद नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी से जुड़े मामलों में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम कमिश्नर ने ज्वाइंट कमिश्नर अनिल यादव को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें तीन दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट कमिश्नर और मेयर को सौंपनी होगी। समाधान शिविर में कई लोगों ने प्रॉपर्टी आईडी में सुधार, नई आईडी बनाने और रिकॉर्ड अपडेट करने के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पैसे नहीं देने पर उनके आवेदन लंबित रखे जाते हैं या खारिज कर दिए जाते हैं। कुछ लोगों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंचाई है। कई नागरिकों ने प्रॉपर्टी आईडी में तकनीकी त्रुटियों और अधिकारियों की लापरवाही की भी शिकायत की है। बताया गया कि पहले तैयार की गई लाखों प्रॉपर्टी आईडी में बड़ी संख्या में रिकॉर्ड संबंधी गलतियां हैं। इन खामियों के कारण लोगों को बार-बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि सुधार कार्यों में देरी क्यों हो रही है। यदि किसी कर्मचारी की रिश्वत मांगने में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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