छत्तीसगढ़ में आम जनता और किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजस्व सेवाओं को पूर्णतः डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि आने वाले समय में बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका और अन्य भूमि संबंधी दस्तावेज सीधे वॉट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएं। सरकार का मुख्य उद्देश्य राजस्व विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। बैठक में ‘साइबर तहसील’ व्यवस्था लागू करने, अविवादित नामांतरण व बंटवारे को ऑनलाइन करने, और वसुंधरा परियोजना के तहत डिजिटल अभिलेखागार तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराते हुए लंबित सीमांकन प्रकरणों को समय-सीमा में निपटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा, धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर में नक्शा डिजिटलीकरण का पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और तहसीलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के भी निर्देश दिए हैं।
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