हार्ट अटैक का खतरा केवल ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर निर्भर नहीं करता। विशेषज्ञों के अनुसार कई मामलों में सामान्य रिपोर्ट होने के बावजूद भी दिल की बीमारियों का जोखिम बना रह सकता है। डॉ. तरुण कुमार का कहना है कि आज के समय में युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए समय पर सतर्क रहना जरूरी है। भले ही व्यक्ति फिट महसूस करता हो, फिर भी नियमित जांच कराना महत्वपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ विशेष टेस्ट ऐसे होते हैं जो छिपे हुए जोखिमों का पता लगा सकते हैं। इन टेस्ट की मदद से दिल की सेहत का बेहतर आकलन किया जा सकता है। शुरुआती स्तर पर जांच कराने से गंभीर स्थिति को रोका जा सकता है। लाइफस्टाइल, तनाव और खानपान भी हार्ट हेल्थ पर बड़ा असर डालते हैं। इसलिए केवल सामान्य रिपोर्ट पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता। विशेषज्ञ समय-समय पर हार्ट स्क्रीनिंग की सलाह देते हैं। जागरूकता और नियमित जांच से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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