वीएन देसाई अस्पताल में कथित फर्जी डॉक्टर से जुड़े मामले पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में बिना वैध योग्यता के चिकित्सा सेवाएं देने के आरोपों की जांच की जाएगी। इस घटना ने मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग से भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। मरीजों के अधिकारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी। इस मामले पर स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता भी सामने आई है।
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