छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद सृजित नए पदों पर पुरानी चयन सूची या वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति नहीं की जा सकती। कोर्ट के अनुसार ऐसा करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के सिद्धांतों के विरुद्ध है। इससे बाद में पात्र होने वाले अभ्यर्थियों के समान अवसर के अधिकार प्रभावित होते हैं। मामले में हाईकोर्ट ने दो कर्मचारियों की बर्खास्तगी को भी सही ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि नई रिक्तियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। न्यायालय ने भर्ती में पारदर्शिता और समान अवसर को आवश्यक बताया। फैसले में कहा गया कि पुरानी चयन सूची का उपयोग अनिश्चितकाल तक नहीं किया जा सकता। इस निर्णय से भविष्य की सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है। संबंधित विभागों को भर्ती नियमों का सख्ती से पालन करने के संकेत मिले हैं। यह फैसला समान अवसर और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। सरकारी नियुक्तियों में संवैधानिक प्रावधानों के पालन पर भी अदालत ने जोर दिया है।
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