राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले में मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा की वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों की जांच तेज कर दी गई है। जांच एजेंसियां उसके बदलते जीवन स्तर और हाल में की गई संपत्ति खरीद पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। पुलिस उसके फार्महाउस, महंगी कार और करीब 65 लाख रुपये के घर जैसे लेन-देन की पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही एक भव्य धार्मिक आयोजन के वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे अवैध धन के प्रवाह का पता लगाया जा सकता है। मामले में गिरफ्तार उसके साले लवकुश मिश्रा की भी वित्तीय जांच जारी है। दोनों के बैंक खातों और लेन-देन रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित धन किस स्रोत से आया। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को गंभीरता से जांचा जा रहा है। यह मामला आर्थिक अपराध से जुड़ी व्यापक जांच में बदलता जा रहा है।
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