पंजाब सरकार ने आधिकारिक रूप से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना को लागू करने की घोषणा की है। यह योजना 1 जुलाई से प्रभावी होगी। इससे पहले राज्य विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस योजना का विरोध किया था। नई व्यवस्था महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का स्थान लेगी। इसके तहत ग्रामीण परिवारों को हर वर्ष 125 दिनों के सुनिश्चित मजदूरी आधारित रोजगार का अधिकार मिलेगा। सरकार की अधिसूचना राज्य की नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देती है। यह कदम केंद्र सरकार की रोजगार संबंधी नई नीति के अनुरूप माना जा रहा है। पहले राज्य सरकार ने योजना के वित्तीय बोझ को लेकर चिंता जताई थी। दलित मजदूरों पर संभावित प्रभाव भी विरोध का प्रमुख कारण था। अब योजना लागू होने से ग्रामीण रोजगार ढांचे में बदलाव आने की उम्मीद है। राज्य सरकार के इस निर्णय को केंद्र और राज्य के बीच नीति समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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