करनाल से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर आज से एक नई और आधुनिक टोल व्यवस्था का प्रयोग शुरू किया गया है। अब यात्रियों को पारंपरिक टोल प्लाजा, बैरियर या बूथों पर रुकने की आवश्यकता नहीं होगी। यह नई व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल और सेंसर-आधारित है, जो वाहनों की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के सुचारू बनाएगी। सरकार का उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना और टोल संग्रह में पारदर्शिता लाना है। यह प्रयोग सफल होने पर इसे अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी लागू किया जा सकता है। इस नई प्रणाली के तहत वाहनों के टोल का भुगतान स्वचालित रूप से हो जाएगा, जिससे लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे इस नई तकनीक के साथ तालमेल बिठाएं। यह पहल देश में परिवहन और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। राजमार्ग पर यात्रियों को अब टोल के लिए अपनी गति धीमी करने या रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे ईंधन की बचत और समय की काफी बचत होगी।
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