हरियाणा सरकार ने अदालतों में लंबित पेंशन संबंधी मामलों के त्वरित निपटारे के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। वित्त विभाग ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को स्पष्ट किया है कि अदालतों में जवाब समयबद्ध तरीके से और तथ्यात्मक रूप से दाखिल किए जाएं। सरकार का मानना है कि समय पर जवाब न देने से राज्य पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ता है और अदालतों में सरकार का पक्ष कमजोर होता है। नई व्यवस्था के तहत, अब पेंशन मामलों में वित्त विभाग और प्रधान महालेखाकार (AG) कार्यालय संयुक्त जवाब तैयार करेंगे, जिसे महाधिवक्ता कार्यालय के माध्यम से अदालत में पेश किया जाएगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही के कारण सरकार को आर्थिक नुकसान होता है या प्रतिकूल फैसला आता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी। यह कदम अनावश्यक मुकदमेबाजी को कम करने और सरकारी खजाने को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इन मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। राज्य सरकार का यह कड़ा रुख अदालतों में चल रहे पेंशन विवादों के जल्द समाधान में मददगार साबित होगा। सभी मंडलायुक्तों और उपायुक्तों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है।
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