जगराओं में ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत मालिकाना हक न मिलने से नाराज दलित मजदूर परिवारों ने नायब तहसीलदार को मांगपत्र सौंपा है। ग्रामीण मजदूर यूनियन के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाल लकीर के भीतर रहने वाले कई गरीब परिवारों को प्रशासन द्वारा जानबूझकर प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। यूनियन नेताओं का दावा है कि वर्ष 2024 में पटवारी के पास पहचान पत्र जमा कराने के बावजूद दलित बस्तियों के निवासियों को अब तक मालिकाना हक नहीं मिला है, जबकि अन्य क्षेत्रों में ड्रोन सर्वे के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इस भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ बड़ी संख्या में महिलाओं समेत ग्रामीण एकत्र हुए। मांगपत्र मिलने के बाद नायब तहसीलदार ने संबंधित पटवारी को तलब कर मामले की जांच करने और पात्र परिवारों को शीघ्र मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
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