बिहार के सहरसा जिले में राज्य सरकार के मंत्री रत्नेश सादा और एडीएम निशांत कुमार पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप जांच के बाद निराधार पाए गए हैं। आधिकारिक जांच में आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद करार दिए जाने के बाद जिले में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस मामले के सामने आने के बाद एनडीए (NDA) गठबंधन ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। सत्ता पक्ष का आरोप है कि विपक्ष द्वारा विकास कार्यों में बाधा डालने और प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने के उद्देश्य से ये बेबुनियाद आरोप गढ़े गए थे। एनडीए नेताओं ने इसे विपक्ष की ‘राजनीतिक साजिश’ करार देते हुए जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया है। जांच रिपोर्ट के बाद मंत्री और एडीएम को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन का कहना है कि वे पूरे समर्पण के साथ जिले के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं और इस तरह की नकारात्मक राजनीति उन्हें अपने लक्ष्यों से भटका नहीं सकती। फिलहाल, इस रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद जिले की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तीखा हो गया है।
Source: Source