शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कथित बागी सांसदों के खिलाफ दिए गए अपने सख्त बयानों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियों को अपशब्द के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि मराठी भाषा और स्थानीय संदर्भ में यह सामान्य अभिव्यक्ति है। राउत ने आलोचनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि गलत काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी स्थिति में पार्टी को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ संघर्ष करते रहेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब शिवसेना (यूबीटी) में संभावित विभाजन और बगावत को लेकर चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक हलकों में इस विवाद ने नई बहस छेड़ दी है। विरोधी दलों ने उनके बयान की आलोचना की है। वहीं समर्थकों का कहना है कि राउत पार्टी एकजुटता की बात कर रहे हैं। मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। फिलहाल किसी आधिकारिक टूट की पुष्टि नहीं हुई है।
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