अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव और संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर की तैयारी की जा रही है, जिसे स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप दिया जाएगा। इस समझौते का उद्देश्य चार महीने से जारी संघर्ष को खत्म करना और क्षेत्र में स्थिरता बहाल करना बताया जा रहा है। प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे और उसे हथियार-निर्माण क्षमता से दूर रखने की शर्त होगी। इसके बदले में ईरान को आर्थिक राहत और तेल निर्यात की अनुमति मिलने की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान को तेल निर्यात फिर से शुरू करने से अरबों डॉलर का आर्थिक लाभ हो सकता है। समझौते में 60 दिनों की बातचीत अवधि का प्रावधान भी शामिल है, जिसमें अंतिम और व्यापक समझौते पर चर्चा होगी। इसके अलावा प्रतिबंधों में ढील और समुद्री मार्गों को फिर से खोलने जैसे कदमों पर भी विचार किया जा रहा है। यह पहल वैश्विक ऊर्जा बाजार और भू-राजनीतिक स्थिति पर बड़ा असर डाल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार अंतिम समझौते को लेकर अभी कई मुद्दे अनसुलझे हैं। दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
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