ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने अपने बकाया शुल्क (EDC, लाइसेंस फीस और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड) का भुगतान न करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 20 बिल्डरों की नई मंजूरियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप कुमार के अनुसार, इन डेवलपर्स पर करोड़ों का बकाया है, जिसमें मेगा प्रोजेक्ट्स के नाम प्रमुखता से शामिल हैं। डिफॉल्टरों की इस सूची में बाजवा डेवलपर्स का नाम सबसे ऊपर है, जिन पर विभिन्न परियोजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। इसके अलावा जनता लैंड प्रमोटर्स (152 करोड़), सुखम इंफ्रास्ट्रक्चर (69 करोड़) और चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स (47 करोड़) जैसी बड़ी कंपनियां भी सूची में शामिल हैं। गौरतलब है कि इस सूची में एक ऐसी कंपनी का नाम भी है जिस पर हाल ही में ईडी (ED) की रेड पड़ी थी। गमाडा की इस कार्रवाई के बाद से बिल्डर जगत में हड़कंप मच गया है। हालांकि, कुछ डेवलपर्स ने बकाया राशि जमा करना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि जब तक बिल्डर अपना पुराना बकाया पूर्णतः चुकता नहीं कर देते, तब तक उनकी किसी भी नई परियोजना को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
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