पेट्रोल-डीजल और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण ढुलाई और उत्पादन की लागत में भारी वृद्धि हुई है। इस महंगाई की मार को देखते हुए देश की प्रमुख FMCG कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम 4 से 11 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) ने डव और पीयर्स साबुन की कीमतों में 4 से 5 फीसदी, जबकि रिन और व्हील डिटर्जेंट के दाम 5 से 11 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। इसी तरह, कोलगेट-पामोलिव ने भी टूथपेस्ट की कीमतों में 4 से 9 फीसदी की बढ़ोतरी की है, जिसमें प्रीमियम उत्पादों पर अधिक प्रभाव पड़ा है। एमामी, डाबर और मैरिको जैसी कंपनियां भी लागत के दबाव को देखते हुए अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा रही हैं। बढ़ते इनपुट कॉस्ट को कंपनियों ने मुनाफे पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए मजबूरी बताया है। आने वाले दिनों में अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के महंगे होने के आसार भी बने हुए हैं। आम उपभोक्ताओं के लिए यह एक बड़ी आर्थिक चुनौती बनकर उभरा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, तब तक महंगाई का यह दौर जारी रह सकता है।
Source: Source