सब्सिडी पर एलपीजी कनेक्शन और सिलेंडर लेने वाले गरीब परिवारों को बड़ा झटका लगा है। सरकार ने सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में कमी करने का फैसला किया है। इस निर्णय का असर लाखों लाभार्थी परिवारों पर पड़ सकता है। सरकार ने इस कदम के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों को प्रमुख कारण बताया है। अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा लागत में वृद्धि का प्रभाव घरेलू नीतियों पर भी पड़ रहा है। सब्सिडी में बदलाव से पात्र परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। कई परिवार अब पहले की तुलना में अधिक कीमत पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो सकते हैं। सरकार का तर्क है कि वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए यह कदम आवश्यक है। हालांकि इस फैसले को लेकर विभिन्न वर्गों में चर्चा और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के दौर में इसका असर निम्न आय वर्ग पर अधिक पड़ सकता है। लाभार्थियों को नई व्यवस्था और पात्रता संबंधी नियमों की जानकारी देने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। सरकार का कहना है कि जरूरतमंद परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति बनाई जाएगी। यह फैसला ऊर्जा सब्सिडी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
Source: Source