जम्मू-कश्मीर सरकार ने इंजीनियरिंग (गजेटेड सेवा) भर्ती नियमों से जुड़े 2016 के संशोधनों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस फैसले के साथ राज्य में 1978 के मूल भर्ती नियमों की व्यवस्था फिर से लागू हो गई है। जल शक्ति विभाग द्वारा 7 जून 2026 को जारी अधिसूचना के माध्यम से यह आदेश लागू किया गया। सरकार ने एसआरओ-14, 2016 के तहत किए गए सभी संशोधनों को निरस्त कर दिया है। यह निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए लिया गया है। अधिसूचना में संशोधनों को पूर्व प्रभाव से वापस लेने की बात कही गई है। इसके परिणामस्वरूप इंजीनियरिंग सेवाओं की भर्ती प्रक्रिया फिर से 2016 से पहले के नियमों के अनुसार संचालित होगी। हालांकि सरकार ने इस बदलाव के पीछे कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया है। अधिसूचना में प्रशासनिक या सेवा संबंधी प्रभावों का भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इस फैसले का असर भर्ती प्रक्रियाओं और संबंधित सेवा मामलों पर पड़ सकता है। विभागीय अधिकारियों और अभ्यर्थियों के बीच इस निर्णय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे सरकार को इसके व्यावहारिक प्रभावों पर और स्पष्टता देनी पड़ सकती है। फिलहाल राज्य में इंजीनियरिंग भर्ती के लिए पुराना ढांचा फिर से प्रभावी हो गया है।
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