बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सरकारी सुरक्षा में कथित तौर पर की गई कटौती को लेकर राज्य में एक बड़ा राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है। सरकार के इस अप्रत्याशित फैसले के कड़े विरोध और अपनी नाराजगी जताते हुए दोनों वरिष्ठ नेताओं ने अपने पटना आवास पर तैनात किए गए सभी शेष सुरक्षाकर्मियों को स्वेच्छा से वापस भेज दिया है। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर हमला बोलते हुए इसे पूरी तरह से राजनीतिक दुर्भावना और बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई करार दिया है।
दूसरी ओर, सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में बदलाव एक रूटीन (नियमित) सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसे समय-समय पर खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। इसी बीच, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी अपनी सुरक्षा वापस लौटाने का बड़ा दावा किया है। सुरक्षा के इस गंभीर मुद्दे ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में पहले से जारी सियासी तनाव और आरोप-प्रत्यारोप के सिलसिले को और अधिक तेज कर दिया है।
Source: Source