उत्तर प्रदेश के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांगों का विरोध करते हुए उनका बचाव किया है। परीक्षा संबंधी विवादों के बीच दिए गए उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि किसी कथित अनियमितता के लिए सीधे मंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके लिए संबंधित व्यक्ति या अधिकारी जवाबदेह होंगे, न कि मंत्री। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी हैं। प्रदर्शनकारी सीबीएसई परिणामों और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। कई समूहों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष सरकार पर छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों को गंभीरता से न लेने का आरोप लगा रहा है। वहीं, सरकार की ओर से परीक्षा प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के प्रयासों का दावा किया जा रहा है। इस पूरे विवाद ने शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
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